बड़वानी जिले की अनुसूचित जनजातियों में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिशीलता: सामाजिक परिवर्तन का एक समालोचनात्मक साहित्यिक समीक्षा अध्ययन

Main Article Content

Avinash Vankhede, Dr. Sonali Pandit

Abstract

यह अध्ययन बड़वानी जिले की अनुसूचित जनजातियों में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिशीलता के माध्यम से हो रहे सामाजिक परिवर्तन का समालोचनात्मक साहित्यिक समीक्षा प्रस्तुत करता है। शोध का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि शिक्षा के प्रसार, सरकारी योजनाओं, वैश्वीकरण तथा आधुनिक संचार माध्यमों ने जनजातीय समाज की पारंपरिक संरचनाओं, जीवनशैली और सांस्कृतिक पहचान को किस प्रकार प्रभावित किया है। अध्ययन में विभिन्न शोध पत्रों, पुस्तकों और सरकारी रिपोर्टों का विश्लेषण कर यह पाया गया कि शैक्षणिक प्रगति ने सामाजिक गतिशीलता, रोजगार अवसरों तथा जागरूकता को बढ़ाया है, जबकि सांस्कृतिक स्तर पर परंपरागत मूल्यों में परिवर्तन और पहचान संकट जैसी स्थितियाँ भी उत्पन्न हुई हैं। समीक्षा यह भी इंगित करती है कि सकारात्मक परिवर्तन के साथ-साथ असमानता, संसाधनों की कमी और शिक्षा तक सीमित पहुँच जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। अतः संतुलित विकास के लिए शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच सामंजस्य आवश्यक है।

Article Details

How to Cite
Avinash Vankhede, Dr. Sonali Pandit. (2024). बड़वानी जिले की अनुसूचित जनजातियों में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिशीलता: सामाजिक परिवर्तन का एक समालोचनात्मक साहित्यिक समीक्षा अध्ययन. International Journal of Advanced Research and Multidisciplinary Trends (IJARMT), 1(2), 763–770. Retrieved from https://ijarmt.com/index.php/j/article/view/902
Section
Articles

References

त्रिपाठी, अजय कुमार (2024). अनुसूचित जनजातियों की सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिशीलता: एक अध्ययन. वार्षिक जनजातीय शोध पत्रिका, पृष्ठ 12-35.

सिन्हा, नरेश चंद्र (2024). उरांव समाज में शिक्षा और संस्कृति का अंतःसंबंध. आदिवासी विकास शोध जर्नल, पृष्ठ 48-73.

निगम, प्रमोद कुमार (2024). आधुनिक शिक्षा और जनजातीय समाज: महाराष्ट्र का परिप्रेक्ष्य. जनजातीय विमर्श, पृष्ठ 22-51.

वर्मा, कमलेश प्रसाद (2024). संथाल जनजाति की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक स्थिति. भारतीय जनजातीय अनुसंधान, पृष्ठ 60-89.

चौधरी, मनोज कुमार (2024). राजस्थान के भील समुदाय में शिक्षा की चुनौतियाँ. आदिवासी जागरण, पृष्ठ 15-40.

कुशवाहा, राकेश कुमार (2024). गोंड जनजाति की सामाजिक गतिशीलता में शिक्षा की भूमिका. ग्रामीण शिक्षा समीक्षा, पृष्ठ 33-58.

राठौर, सुरेश कुमार (2024). डूंगर समुदाय की शैक्षणिक समस्याएँ और समाधान. सामाजिक अध्ययन जर्नल, पृष्ठ 44-72.

तिवारी, राजेश कुमार (2024). मुंडा जनजाति में शिक्षा और सांस्कृतिक परिवर्तन. भारतीय समाज अध्ययन, पृष्ठ 18-47.

मिश्रा, संजीव कुमार (2023). बस्तर की मुरिया जनजाति में शिक्षा और सांस्कृतिक परिवर्तन का अध्ययन. रायपुर: छत्तीसगढ़ जनजातीय अनुसंधान संस्थान। पृ. 12–47.

पटेल, रवीन्द्रनाथ (2023). हो जनजाति में सामाजिक-सांस्कृतिक गतिशीलता और शिक्षा की चुनौतियाँ. राँची: झारखंड जनजातीय शैक्षिक विकास परिषद्। पृ. 22–68.

रंजन, विनोद कुमार (2023). ओडिशा के बोंडा समाज में सामाजिक और शैक्षणिक समावेश का मूल्यांकन. भुवनेश्वर: अनुसूचित जनजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र। पृ. 15–59.

सिंह, मनोज कुमार (2023). कोरकू जनजाति में शिक्षा, सांस्कृतिक निरंतरता और सामाजिक परिवर्तन: एक तुलनात्मक अध्ययन. नागपुर: महाराष्ट्र जनजातीय अध्ययन संस्था। पृ. 18–73.

पटेल, राजेश कुमार (2023), अनुसूचित जनजातियों में सांस्कृतिक गतिशीलता: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन, भारतीय जनजातीय शोध परिषद प्रकाशन, पृष्ठ 55-76।

नागेश्वर, विजय शंकर (2023), आदिवासी शिक्षा और सामाजिक प्रगति के अंतर्विरोध, जनजातीय अध्ययन जर्नल, खंड 9, पृष्ठ 101-125।

कुशवाहा, नरेश चंद्र (2023), सांस्कृतिक संक्रमण और जनजातीय युवाओं की पहचान, भारतीय मानवशास्त्र अकादमी प्रकाशन, पृष्ठ 201-223।

ठाकुर, प्रवीण कुमार (2023), अनुसूचित जनजातियों में शिक्षा और सामाजिक गतिशीलता, जनजातीय विकास समीक्षा, खंड 5, पृष्ठ 66-90।

Similar Articles

<< < 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 > >> 

You may also start an advanced similarity search for this article.