2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए भारत का रास्ता
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Abstract
भारत 2047 में अपनी आजादी के सौ वर्ष पूरे कर आजादी की एक नई सदी में प्रवेष करेगा और निष्चित रूप से प्रत्येक जागरूक भारतीय के लिए ये एक विचारणीय विषय है कि आजादी की नई सदी का भारत कैसा होगा? एक अच्छे भारत की परिकल्पना प्रत्येक भारतीय कर सकता है और उस अच्छे को प्राप्त करने के लिए सभी भारतीय सौ वर्ष का एक लम्बा सफर तय कर रहे हैं। इस बात का विष्लेषण करना जरूरी होगा कि 1947 में जो समस्याएँ भारत के लिए भयावह थी, क्या वो 2047 तक मिट चुकी हांेगी? तथा भारत के विकास के मार्ग की बाधाएँ हमारे नियंत्रण में आ चुकी होंगी तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जरूरी सुविधाएँ सभी को मिल चुकी होंगी। कया हम वाकई में पूर्ण विकसित राष्ट्र बन चुके होंगे और अगर हमारी परिकल्पना ये कहती है कि ‘हाँ’ तो ये समझना जरूरी होगा कि वर्तमान वैष्विक और घरेलू परिस्थितियों को देखते हुए ये मंजिल किन रास्तों पर चल कर प्राप्त की जा सकेगी और हमारी इस ‘विकसित भारत रूपी मंजिल’ का स्वरूप कैसा होगा? इन सब पहलुओ के साथ-साथ भारतीय इतिहास, संस्कृति, भौगोलिक स्थिति और आध्यात्मिक समझ को भी महत्त्व देना जरूरी है। एक स्थाई व आदर्ष विकसित राष्ट्र का उद्देष्य जो हमें प्राप्त करना है उसके लिए विस्तृत रूप से क्या-क्या किया जाना जरूरी है उन सभी विषयों का विष्लेषणात्मक अध्ययन इस षोध पत्र में किया जा रहा है। हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि जब 1947 में भारत आजाद हुआ उस समय लाखों निर्दोष लोग अत्याचारपूर्ण मौत और करोड़ों लोग बेबसी में पलायन के षिकार हुए।
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