अनुसूचित जनजाति समाज में लैंगिक असमानता: सामाजिक एवं आर्थिक कारकों का सैद्धांतिक एवं साहित्यिक विश्लेषण
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Abstract
यह शोध-पत्र अनुसूचित जनजाति समाज में विद्यमान लैंगिक असमानता के सामाजिक एवं आर्थिक कारकों का सैद्धांतिक एवं साहित्यिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि यद्यपि जनजातीय समाज को प्रायः समानतावादी माना जाता है, तथापि वास्तविकता में महिलाओं की स्थिति शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, संपत्ति अधिकार तथा निर्णय-निर्माण की प्रक्रियाओं में अपेक्षाकृत कमजोर पाई जाती है। सामाजिक मान्यताएँ, परंपरागत भूमिकाएँ, संसाधनों तक सीमित पहुँच तथा गरीबी जैसे कारक इस असमानता को और गहरा करते हैं। साथ ही, वैश्वीकरण, शिक्षा के प्रसार एवं सरकारी योजनाओं के प्रभाव से कुछ सकारात्मक परिवर्तन भी दृष्टिगत होते हैं। यह अध्ययन विभिन्न सिद्धांतों एवं पूर्व शोधों के आधार पर लैंगिक असमानता की प्रकृति, कारणों एवं परिवर्तनों को समझने का प्रयास करता है तथा नीति-निर्माण एवं महिला सशक्तिकरण के लिए उपयोगी दिशा प्रदान करता है।
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