"हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा श्रेष्ठ कृति पुरस्कार से सम्मानित काव्य रचनाओं का विश्लेषण: 'तीस टुकड़ा सूरज' (शान्ति सागर) एवं 'एक टुकड़ा आकाश' (डॉ. किरण बिस्सा) के विशेष संदर्भ में”
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Abstract
प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा श्रेष्ठ कृति पुरस्कार से सम्मानित दो महत्त्वपूर्ण काव्य कृतियाँ—शान्ति सागर के 'तीस टुकड़ा सूरज' तथा डॉ. किरण बिस्सा के 'एक टुकड़ा आकाश'—का समग्र एवं तुलनात्मक विश्लेषण करना है। हिन्दी कविता का आधुनिक स्वरूप केवल भावाभिव्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वह सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक एवं मानवीय जीवन की जटिलताओं को भी अपने भीतर समेटे हुए है। समकालीन हिन्दी कविता में स्त्री-अस्मिता, सामाजिक असमानता, प्रकृति-संकट, मानवीय संवेदनाएँ, लोकतांत्रिक मूल्य तथा बदलते सामाजिक परिवेश की गहन अभिव्यक्ति दिखाई देती है। इन दोनों काव्य कृतियाँ में भी यही विशेषताएँ स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होती हैं। शान्ति सागर के काव्य कृति 'तीस टुकड़ा सूरज' में जीवन-संघर्ष, सामाजिक विषमता, श्रमिक वर्ग की पीड़ा, स्त्री-अस्मिता तथा मनुष्य की आंतरिक संवेदनाओं का अत्यंत प्रभावशाली चित्रण हुआ है। कवयित्री ने प्रतीकों, बिम्बों तथा सरल भाषा के माध्यम से समकालीन समाज की विसंगतियों को उद्घाटित किया है। दूसरी ओर डॉ. किरण बिस्सा के 'एक टुकड़ा आकाश' में स्त्री की स्वतंत्र पहचान, आत्मसम्मान, जीवन-संघर्ष, प्रकृति के साथ उसका गहरा संबंध तथा मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना का सशक्त स्वर सुनाई देता है।
इस शोध में हरियाणा साहित्य अकादमी की साहित्यिक भूमिका, श्रेष्ठ कृति पुरस्कार की उपयोगिता, दोनों कवयित्रियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व, उनकी काव्य-दृष्टि, विषय-वस्तु, भाषा-शैली, प्रतीक-विधान, बिम्ब-योजना तथा समकालीन हिन्दी कविता में उनके योगदान का विश्लेषण किया जाएगा। साथ ही दोनों काव्य कृतियाँ का तुलनात्मक अध्ययन करते हुए यह स्पष्ट किया जाएगा कि इन रचनाओं में समाज, संस्कृति तथा मानवीय जीवन के विविध आयाम किस प्रकार अभिव्यक्त हुए हैं।
प्रस्तुत अध्ययन से यह निष्कर्ष प्राप्त होता है कि दोनों कवयित्रियाँ केवल व्यक्तिगत भावनाओं की कवयित्री नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक परिवर्तन, मानवीय मूल्यों की प्रतिष्ठा तथा स्त्री-अस्तित्व के प्रश्नों को व्यापक दृष्टि से प्रस्तुत करती हैं। यही कारण है कि इन कृतियों को हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा श्रेष्ठ कृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन रचनाओं का साहित्यिक महत्त्व समकालीन हिन्दी कविता के विकास में उल्लेखनीय है।
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References
शान्ति सागर. तीस टुकड़ा सूरज. (प्रकाशक एवं संस्करणानुसार विवरण जोड़ें)
डॉ. किरण बिस्सा. एक टुकड़ा आकाश. (प्रकाशक एवं संस्करणानुसार विवरण जोड़ें)
बच्चन सिंह. आधुनिक हिन्दी साहित्य का इतिहास.
नामवर सिंह. कविता के नये प्रतिमान.
रामस्वरूप चतुर्वेदी. हिन्दी साहित्य और संवेदना का विकास.