अशासकीय महिला अध्यापिकाओं की कार्य-संतुष्टि: हर्ज़बर्ग सिद्धान्त के प्रेरक कारकों (उपलब्धि, मान्यता) का विश्लेषण।

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डॉ. पूजा नाग

Abstract

प्रस्तुत अध्ययन अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत महिला अध्यापिकाओं की कार्य‑संतुष्टि का हर्ज़बर्ग के द्वि‑कारक सिद्धान्त के प्रेरक कारकों के संदर्भ में गहन गुणात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य उपलब्धि, मान्यता, उत्तरदायित्व तथा उन्नति जैसे प्रेरक तत्वों के माध्यम से यह समझना है कि ये कारक अध्यापिकाओं की व्यावसायिक संतुष्टि, कार्य‑प्रेरणा तथा शैक्षणिक प्रतिबद्धता को किस प्रकार प्रभावित करते हैं। अध्ययन दुर्ग जिले के तीन अशासकीय विद्यालयों—खान मेमोरियल स्कूल, देवी अहिल्या विद्यालय तथा विश्वदीप उच्चतर माध्यमिक विद्यालय—में कार्यरत १२० महिला अध्यापिकाओं पर आधारित है। आँकड़ों का संकलन अर्ध‑संरचित साक्षात्कार एवं फोकस समूह चर्चाओं के माध्यम से किया गया। विषयवस्तु विश्लेषण तकनीक द्वारा प्राप्त निष्कर्षों से यह स्पष्ट होता है कि प्रेरक कारक कार्य‑संतुष्टि के प्रमुख निर्धारक हैं, किंतु सीमित पदोन्नति अवसर, प्रशासनिक हस्तक्षेप तथा संसाधन‑अभाव संतुष्टि को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। अध्ययन के निष्कर्ष शैक्षिक प्रशासन एवं नीति‑निर्माताओं के लिए व्यावहारिक रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।

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How to Cite
डॉ. पूजा नाग. (2025). अशासकीय महिला अध्यापिकाओं की कार्य-संतुष्टि: हर्ज़बर्ग सिद्धान्त के प्रेरक कारकों (उपलब्धि, मान्यता) का विश्लेषण।. International Journal of Advanced Research and Multidisciplinary Trends (IJARMT), 2(3), 1088–1105. Retrieved from https://ijarmt.com/index.php/j/article/view/648
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