प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल कूटनीति एवं भारत की विदेश नीति का बदलता स्वरूप

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परीक्षित
डाॅ॰ बी॰ प्रकाश

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इक्कीसवीं सदी में डिजिटल तकनीक ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति, संचार, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के स्वरूप को गहराई से प्रभावित किया है। कूटनीति, जो परंपरागत रूप से राजनयिक वार्ताओं, दूतावासों, सम्मेलनों और औपचारिक संचार पर आधारित थी, अब सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा तथा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के माध्यम से भी संचालित हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति में डिजिटल माध्यमों का उपयोग अधिक दृश्यमान, संस्थागत और बहुआयामी हुआ है। विदेश मंत्रालय तथा भारतीय मिशनों ने डिजिटल संचार के माध्यम से भारत की नीतियों, उपलब्धियों और संकट-प्रतिक्रिया को वैश्विक दर्शकों तक पहुँचाया है।
यह शोध-पत्र 2014 से नवंबर 2026 तक भारत की डिजिटल कूटनीति के विकास का अध्ययन करता है। इसमें सार्वजनिक कूटनीति, नेतृत्व-आधारित संचार, डिजिटल इंडिया, आधार एवं यूपीआई जैसे डिजिटल सार्वजनिक ढाँचे, साइबर कूटनीति, तकनीकी शासन, ळ20 की भारतीय अध्यक्षता, वैश्विक दक्षिण के साथ सहयोग और सामरिक स्वायत्तता का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन का निष्कर्ष है कि डिजिटल कूटनीति भारत की विदेश नीति का स्वतंत्र विकल्प नहीं, बल्कि उसका प्रभावशाली पूरक उपकरण है। इसके माध्यम से भारत अपनी छवि, विकास मॉडल और नीतिगत प्राथमिकताओं को प्रस्तुत करता हैय साथ ही साइबर जोखिम, डेटा-संप्रभुता, गलत सूचना, डिजिटल असमानता और मंच-निर्भरता जैसी चुनौतियों का सामना भी करता है।

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How to Cite
परीक्षित, & डाॅ॰ बी॰ प्रकाश. (2026). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल कूटनीति एवं भारत की विदेश नीति का बदलता स्वरूप. International Journal of Advanced Research and Multidisciplinary Trends (IJARMT), 3(04), 264–276. Retrieved from https://ijarmt.com/index.php/j/article/view/1391
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भारत सरकार, विदेश मंत्रालय, वार्षिक प्रतिवेदन 2024, “नवीन, उभरती एवं रणनीतिक प्रौद्योगिकियाँ (छम्ैज्) तथा साइबर कूटनीति” से संबंधित अध्यायय इसमें साइबर संवादों, वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता साझेदारी (ळच्।प्) तथा तकनीकी सहयोग का विवरण दिया गया है।

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G20, नई दिल्ली ळ20 नेताओं की घोषणा, 9 सितंबर 2023, अनुच्छेद 55-57, इसमें डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (क्च्प्), वैश्विक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना भंडार (ळक्च्प्त्) तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था के सुरक्षित विकास से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

भारत सरकार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, प्रेस सूचना ब्यूरो, “प्रधानमंत्री द्वारा वैश्विक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना भंडार (ळक्च्प्त्) के पूर्ण होने तथा वैश्विक दक्षिण में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक प्रभाव कोष (ैवबपंस प्उचंबज थ्नदक) के निर्माण की घोषणा”, 23 नवंबर 2023।