उत्तर बिहार में ऑनलाइन शॉपिंग के प्रति उपभोक्ता व्यवहार एवं स्थानीय बाजारों पर उसके प्रभाव का मूल्यांकन: मुजफ्फरपुर जिले का एक अनुभवजन्य अध्ययन

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दिपंकर प्रकाश गिरि
डॉ. चौधरी साकेत कुमार

Abstract

वैश्वीकरण, उदारीकरण तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के तीव्र विकास ने विश्व व्यापार प्रणाली को एक नवीन स्वरूप प्रदान किया है। इंटरनेट आधारित वाणिज्य ने उपभोक्ताओं के क्रय व्यवहार में उल्लेखनीय परिवर्तन उत्पन्न किया है। वर्तमान समय में उपभोक्ता वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद के लिए केवल पारंपरिक बाजारों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि इंटरनेट आधारित खरीदारी के माध्यम से कम समय में अधिक विकल्पों, प्रतिस्पर्धी मूल्यों, घर तक वितरण तथा डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। भारत में सस्ती इंटरनेट सेवाओं, स्मार्टफ़ोन के बढ़ते उपयोग तथा डिजिटल भुगतान प्रणाली के विस्तार ने ऑनलाइन खरीदारी को छोटे नगरों एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक भी पहुँचाया है, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय बाजारों की व्यापारिक संरचना एवं उपभोक्ता व्यवहार दोनों में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ऑनलाइन खरीदारी के प्रति उपभोक्ताओं के व्यवहार का विश्लेषण करना तथा स्थानीय बाजारों पर उसके आर्थिक एवं सामाजिक प्रभावों का अनुभवजन्य मूल्यांकन करना है। अध्ययन में प्राथमिक आँकड़ों का संकलन संरचित प्रश्नावली के माध्यम से तथा द्वितीयक आँकड़ों का संकलन प्रकाशित शोधपत्रों, पुस्तकों, सरकारी प्रतिवेदनों तथा अन्य प्रामाणिक स्रोतों से किया गया है। अध्ययन के निष्कर्ष यह संकेत करते हैं कि ऑनलाइन खरीदारी ने उपभोक्ताओं की सुविधा एवं संतुष्टि में वृद्धि की है, किन्तु स्थानीय बाजारों की बिक्री, लाभप्रदता तथा पारंपरिक व्यापारिक संरचना पर प्रतिकूल प्रभाव भी डाला है। साथ ही अध्ययन यह भी स्पष्ट करता है कि यदि स्थानीय व्यापारी डिजिटल प्रौद्योगिकी, गृह-वितरण सेवा, ग्राहक-केंद्रित विपणन तथा डिजिटल भुगतान प्रणाली को अपनाएँ तो वे प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति को सुदृढ़ बना सकते हैं।

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दिपंकर प्रकाश गिरि, & डॉ. चौधरी साकेत कुमार. (2025). उत्तर बिहार में ऑनलाइन शॉपिंग के प्रति उपभोक्ता व्यवहार एवं स्थानीय बाजारों पर उसके प्रभाव का मूल्यांकन: मुजफ्फरपुर जिले का एक अनुभवजन्य अध्ययन. International Journal of Advanced Research and Multidisciplinary Trends (IJARMT), 2(4), 852–866. Retrieved from https://ijarmt.com/index.php/j/article/view/1113
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References

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