सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की दिशा में श्रमिक आंदोलनों का योगदान

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अजय कुमारी , डॉ. रेखा रानी

Abstract

श्रमिक आंदोलनों का भारतीय समाज में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की दिशा में योगदान अत्यंत गहरा और प्रभावशाली रहा है। औद्योगिकीकरण के युग में, जब श्रमिक वर्ग को अत्यधिक शोषण, असमानता और अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने सामूहिक संघर्ष का रास्ता अपनाया। ये आंदोलन केवल श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई के लिए नहीं थे, वे एक व्यापक सामाजिक और आर्थिक न्याय की माँग का प्रतीक बन गए। श्रमिक संगठनों ने समाज में व्याप्त असमानता और भेदभाव के खिलाफ जोरदार तरीके से आवाज उठाई। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि केवल राजनीतिक स्वतंत्रता पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज में हर व्यक्ति को समान अधिकार, सम्मान और न्याय मिलना अनिवार्य है। इस विचारधारा ने स्वतंत्रता संग्राम को एक समग्र सामाजिक आंदोलन में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें आर्थिक और सामाजिक सुधारों की माँग भी शामिल हो गई।

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How to Cite
अजय कुमारी , डॉ. रेखा रानी. (2025). सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की दिशा में श्रमिक आंदोलनों का योगदान. International Journal of Advanced Research and Multidisciplinary Trends (IJARMT), 2(1), 455–461. Retrieved from https://ijarmt.com/index.php/j/article/view/134
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